सोठिया गांव में सियार का आतंक, 9 लोगों को किया लहूलुहान, ग्रामीणों ने मार गिराया

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सीहोर। जिले की भैरुंदा तहसील के ग्राम सोठिया में बुधवार को एक जंगली सियार ने जमकर उत्पात मचाया। दोपहर के समय गांव में घुसे इस सियार ने एक के बाद एक 9 ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायलों में मासूम बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। इस अचानक हुए हमले से पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। बाद में आक्रोशित ग्रामीणों ने सियार को घेरकर मार डाला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर करीब 3 बजे जब ग्रामीण अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे, तभी अचानक एक जंगली सियार गांव की गलियों में दाखिल हुआ। सियार ने सामने आने वाले हर व्यक्ति पर हमला करना शुरू कर दिया। हमले की शुरुआत बुजुर्ग धन्नालाल से हुई, जो अपने घर के दरवाजे पर खड़े थे। सियार ने उन पर इतनी तेजी से झपट्टा मारा कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।
बच्चे और महिलाएं बनीं शिकार
सियार के हमले में कुल 9 लोग घायल हुए हैं। घायलों में गीता पंवार, सुगना पंवार, रक्षा पंवार, अनीता, सावनी, विजय और नन्हे बालक आर्यमन सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। सियार ने किसी के हाथ तो किसी के चेहरे और पैरों पर अपने पंजों व दांतों से गहरे घाव किए हैं। चीख-पुकार सुनकर जब तक ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर बाहर निकले, तब तक सियार कई लोगों को अपना शिकार बना चुका था।
अस्पताल में उपचार जारी
सभी घायलों को तुरंत परिजनों की मदद से सिविल अस्पताल भैरूंदा ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों का प्राथमिक उपचार कर दिया गया है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में डर के कारण लोगों ने बच्चों और महिलाओं को घरों के अंदर कैद कर लिया।
ग्रामीणों ने सियार को घेरा, वन विभाग ने किया अंतिम संस्कार
सियार के लगातार हमलों से गुस्साए ग्रामीणों ने एकजुट होकर उसकी तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने सियार को घेर लिया और उसे मौके पर ही मार गिराया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन अधिकारी प्रकाशचंद ऊइके ने बताया कि सियार के शव को कब्जे में लेकर नियमानुसार उसका दाह संस्कार कर दिया गया है।
प्रशासन की अपील, सतर्क रहें ग्रामीण
इस घटना के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि छोटे बच्चों को अकेले घर से बाहर न भेजें। जंगली जानवर दिखने पर तुरंत विभाग को सूचना दें। गांव के आसपास झाडिय़ों और अंधेरे स्थानों पर जाने से बचें।