सीहोर। जिला मुख्यालय पर रेलवे पटरियों के पास विकसित की जा रही नारायण विहार कॉलोनी प्रशासन की जांच के दायरे में आ गई है। नियमों को ताक पर रखकर बसाई जा रही इस कॉलोनी के पास अनिवार्य विकास अनुमति नहीं है। ऐसे में इस कालोनी में प्लॉट लेने वाले लोगों को अपनी मेहनत की गाड़ी कमाई यहां लगाने से पहले जरुरी अनुमतियां जरुर देख लेना चाहिए।
बता दें नरेन्द्र नगर स्थित रेलवे पटरियों के पास नारायण विहार नाम की कालोनी काटी जा रही है, जिस जगह यह कालोनी काटी जा रही है, वहां पहले खेत था, लेकिन कुछ दिनों बाद यहां हरियाली की जगह क्रंकीट नजर आएगा। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि कालोनाइजर ने विकास अनुमति नहीं ली है। इस बात का खुलासा स्वयं तहसीलदार अमित सिंह ने किया है कि कॉलोनाइजर ने जमीन का डायवर्जन तो करा लिया, लेकिन टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और विकास अनुमति नहीं ली। इसे लेकर प्रशासन ने नोटिस जारी कर दिया है।
कलेक्टर ने जारी किए यह आदेश
गौरतलब है कि कलेक्टर बालागुरू के. ने 3 दिसंबर 2025 को जारी पत्र क्रमांक 62 के जरिए जिले के सभी राजस्व अधिकारियों और नगर पालिका अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिले में बिना अनुमति के बन रही अवैध कॉलोनियों की जांच कर एक सप्ताह में सूची प्रस्तुत करें। इसी आदेश के बाद अब पूरे जिले में हडक़ंप मचा हुआ है।
झरखेड़ा-दोराहा में भी अवैध कॉलोनियों का जाल
नारायण विहार के साथ-साथ झरखेड़ा और दोराहा क्षेत्र में भी अवैध कॉलोनाइजरों ने अपना जाल फैला रखा है। यहां तहसीलदार एसआर देशमुख ने डेड़ दर्जन ऐसे कॉलोनाइजरों की सूची तैयार की है, जो रसूख के दम पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के प्लॉट बेच रहे हैं।
इन कॉलोनाइजरों ने तांक पर रखे नियम
प्रशासन द्वारा झरखेड़ा में तैयार की गई सूची में नासिर इस्लाम, इनाम उल्ला, अक्सा अली, संगीता, अमान उल्ला, रेहान खान, सैयद कमर अली, मोहन पाटीदार, भूपेंद्र पाटीदार, फूल सिंह, इशाक अली, गुलाब सिंह, झनक सिंह और मुकर्रम जैसे नाम शामिल हैं। आरोप है कि इन्हें कुछ प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण बुनियादी सुविधाओं सडक़, बिजली, पानीद्ध के बिना ही कॉलोनी काट दी गई।
प्लॉट खरीदने से पहले यह जरुर देखें
कालोनाइजर लाइसेंस: जिला कलेक्टर कार्यालय से जारी लाइसेंस।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग टी एंड सीपी मंजूरी: नक्शा पास होना अनिवार्य है।
विकास अनुमति: स्थानीय निकाय से बिजली, पानी और ड्रेनेज विकास की अनुमति।
रेरा पंजीयन: मध्य प्रदेश रेरा में रजिस्ट्रेशन के बिना प्लॉट बेचना गैरकानूनी है।
एनओसी: नजूल विभाग और पर्यावरण विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र।
इनका कहना है
नरेन्द्र नगर में काटी जा रही नारायण विहार के पास विकास अनुमति नहीं है, सिर्फ डायवर्जन है। कालोनाइजर को नोटिस जारी किया गया है। जल्द कार्रवाई की जाएगी। वहीं कलेक्टर के निर्देशानुसार बिना विकास अनुमति के काटी गई कालोनियों की सूची तैयार कर भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों को करना है।
अमित सिंह, तहसीलदार सीहोर शहर


