धमकी भरे बयान के बाद मंत्री वर्मा का यू.टर्न

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सीहोर। ग्राम धामंदा में लाड़ली बहनों का नाम योजना से कटवाने की चेतावनी देने वाले राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा अब पूरी तरह बैकफुट पर आ गए हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और विपक्ष के तीखे हमलों के बाद मंत्री ने न सिर्फ माफी मांगी है, बल्कि राजगढ़ में मीडिया से चर्चा के दौरान भावुक होते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा प्रदेश में मोहन यादव और देश में मोदी की सरकार है, ऐसे में कौन माई का लाल है जो लाड़ली बहनों का पैसा काटेगा।
बता दें पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सीहोर के एक कार्यक्रम में मंत्री वर्मा ने मंच से कहा था कि गांव की 894 बहनों को योजना का लाभ मिल रहा है, लेकिन वे कार्यक्रमों में नहीं आतीं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि यदि बहनें बुलाने पर भी नहीं आईं तो रिपोर्ट भेजकर उनका नाम योजना से कटवा दिया जाएगा। इस बयान को महिलाओं के सम्मान पर हमला बताते हुए कांग्रेस ने प्रदेश भर में मोर्चा खोल दिया था।
विरोध के बाद बदला सुर
चौतरफा घिरने के बाद मंत्री वर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि उनके शब्दों को तोड़ मरोडक़र पेश किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य बहनों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें योजनाओं के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना था। राजगढ़ में उन्होंने कहा कि यह योजना बहनों के सम्मान से जुड़ी है और इसे कोई भी खत्म नहीं कर सकता।
अधिकार है, उपकार नहीं
इधर कांग्रेस ने मंत्री के इस यू.टर्न को नाकाफी बताया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि लाड़ली बहना योजना महिलाओं का अधिकार हैए किसी का उपकार नहीं। कांग्रेस ने मांग की है कि सत्ता पक्ष के नेताओं को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए क्योंकि एक गलत बयान लाखों बहनों के भरोसे को ठेस पहुंचाता है। फिलहाल मंत्री के खेद जताने और माई का लाल वाले बयान के बाद राजनीतिक गर्माहट कुछ कम हुई है, लेकिन विपक्ष अभी भी इस मुद्दे पर हमलावर है।