सीहोर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को अमलाहा स्थित इर्काडा कैंपस में आयोजित राष्ट्रीय दलहन सम्मेलन में हुंकार भरते हुए कहा कि दलहन उत्पादन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार, केंद्र के साथ दो कदम आगे रहकर काम करेगी। उन्होंने कहा कि भोजन दाल के बिना अधूरा है और प्रदेश में दालों की कमी को दूर करना हमारी प्राथमिकता है। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ सीएम ने आधुनिक प्रयोगशालाओं और दलहन मिशन पोर्टल का शुभारंभ भी किया।
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक किसानों की परवाह नहीं की। प्रदेश में कभी सिंचाई का रकबा मात्र 7,500 हेक्टेयर था, जो आज भाजपा सरकार के प्रयासों से बढक़र 44 लाख हेक्टेयर हो गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की संकल्प शक्ति और सरकार की नदी जोड़ों परियोजनाओं के माध्यम से अब अन्नदाताओं की जिंदगी बदल रही है।
आत्मनिर्भरता के लिए रिसर्च सेंटर को बताया अद्भुत
मुख्यमंत्री ने अमलाहा स्थित रिसर्च सेंटर के कार्यों की सराहना करते हुए इसे अद्भुत बताया। उन्होंने कहा कि दलहन के मामले में हम फिलहाल दूसरे राज्यों पर निर्भर हैंए लेकिन अब ऐसे अनुसंधान और आधुनिक प्रयोगशालाओं जैसे पादप जीनोमिक्स और टिश्यू कल्चर लैब के माध्यम से मध्य प्रदेश दलहन उत्पादन में अग्रणी बनेगा।
खेतों के बीच राष्ट्रीय स्तर का मंथन
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का अनूठा अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने कहा कि खेती पर चर्चा दिल्ली-भोपाल के कंक्रीट के जंगलों में नहीं, बल्कि खेतों के बीच होनी चाहिए, इसीलिए यह सम्मेलन अमलाह के खेतों में आयोजित किया गया। चौहान ने देश के गांवों को बीज ग्राम बनाने की बड़ी घोषणा की, ताकि किसानों को उन्नत बीजों के लिए भटकना न पड़े।
तकनीकी विकास और किसानों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने डिजिटल सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए दलहन मिशन पोर्टल लॉन्च किया। साथ ही बेहतर उत्पादन करने वाले 5 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। विशेषज्ञों ने तकनीकी सत्र में रोग प्रबंधन और एमएसपी पर समय पर खरीदी सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर रोडमैप तैयार किया।


