संस्कृति और एकता का संगम है आनंद उत्सव: कलेक्टर

05 sehore photo 01

कलेक्टर-सीईओ ने टेबल टेनिस में चलाए शॉट्स, चम्मच दौड़ में भी लिया भाग
सीहोर।
जिला मुख्यालय के खेल संस्थान मैदान पर बुधवार को नजारा कुछ अलग ही था। मौका था जिला स्तरीय आनंद उत्सव का, जहां प्रशासन और जनता के बीच की दूरियां खत्म होती नजर आईं। कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा जिले के आला अफसरों के खिलाड़ी अवतार की रही। दिन भर फाइलों और मीटिंग्स में व्यस्त रहने वाले कलेक्टर बालागुरू के. और जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव न केवल खिलाडिय़ों का हौसला बढ़ाने पहुंचे, बल्कि खुद भी मैदान में उतर गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर बालागुरू ने कहा कि आनंद उत्सव महज एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और एकता का संगम है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से हमारी परंपराएं जीवित रहती हैं और समाज में आपसी तालमेल बढ़ता है। खेल हमें सिर्फ सेहतमंद ही नहीं रखते, बल्कि एक-दूसरे से जुडऩा भी सिखाते हैं।
टेबल टेनिस की मेज पर दिखाई फुर्र्ती
जैसे ही कलेक्टर साहब ने हाथ में रैकेट थामा और टेबल टेनिस की मेज पर उतरे, वहां मौजूद छात्र और लोग जोश से भर गए। कलेक्टर ने किसी मंझे हुए खिलाड़ी की तरह बेहतरीन शॉट्स लगाए। उनके साथ ही जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव ने भी टेबल टेनिस के मुकाबले में पूरी फुर्ती दिखाई। अधिकारियों को पसीना बहाते देख युवाओं का उत्साह भी दोगुना हो गया। सीईओ यादव ने इसके बाद पारंपरिक चम्मच दौड़ में भी हिस्सा लिया, जिसे देख सभी ने खूब तालियां बजाईं।
खेलों के साथ स्थानीय जायके का आनंद
मैदान पर दिन भर सितोलिया, गोलाफेंक, रस्सी कूद और कुर्सी दौड़ जैसे खेलों की धूम रहीए जिसने सबकी बचपन की यादें ताजा कर दीं। खेल के साथ-साथ यहां खाने-पीने का भी खास इंतजाम था। स्वसहायता समूह की महिलाओं ने स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल लगाए थे। कलेक्टर और सीईओ ने खुद इन स्टॉल्स पर जाकर पकवानों का स्वाद चखा और दीदियों के हुनर की जमकर तारीफ की। जिला पंचायत सीईओ ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से काम का बोझ और मानसिक तनाव कम होता है। यह पूरा आयोजन हंसी-खुशी और एकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ।