सहस्त्र चंडी महायज्ञ संपन्न, 5 लाख श्रद्धालुओं ने टेका माथा

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सीहोर। करोली माता मंदिर में दस दिनों से चल रहा सहस्त्र चंडी महायज्ञ मंगलवार को भव्यता के साथ संपन्न हो गया। समापन के दौरान सबसे खास नजारा तब दिखा जब आसमान से हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा और गंगाजल छिडक़ा गया। इस महायज्ञ में 5 लाख से ज्यादा लोगों ने परिक्रमा की और विशाल भंडारे में प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया।
महायज्ञ के समापन का सबसे खास आकर्षण हेलीकॉप्टर रहा। समापन के अवसर पर हेलीकॉप्टर ने शहर के ऊपर करीब छह चक्कर लगाए और यज्ञशाला सहित पूरे शहर पर पुष्प, अभिमंत्रित अक्षत और गंगाजल की वर्षा की। आसमान से हुई इस वर्षा को देखने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा।
5 लाख श्रद्धालुओं ने की परिक्रमा
मीडिया प्रभारी प्रदीप समाधिया ने बताया कि इन दस दिनों में करीब 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया। वहीं समापन के दिन आयोजित विशाल भंडारे में देर रात तक 2 लाख से अधिक लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजन समिति द्वारा पूरे दस दिनों तक नगर भोज की व्यवस्था की गई थी, जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद पाया।
विद्वानों के मंत्रोच्चार से गूंजा परिसर
यज्ञाचार्य पंडित महादेव शर्मा के नेतृत्व में देशभर से आए विप्रजनों ने दुर्गा सप्तशती के पाठ और हवन संपन्न कराए। यज्ञाचार्य ने मां सिद्धिदात्री की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि माता का यह रूप अत्यंत शक्तिशाली है और इनकी कृपा से ही भगवान शिव अर्धनारीश्वर कहलाए। इस महायज्ञ में बड़ी संख्या में दंपत्तियों ने शामिल होकर आहुतियां दीं।
इनकी रही मुख्य भूमिका
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में समस्त शहरवासियों के साथ संयुक्त मां कालका उत्सव समिति का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के अध्यक्ष विवेक राठौर, मुख्य यजमान तरुण राठौर और यज्ञाचार्य पंडित महादेव शर्मा ने मुख्य भूमिका निभाई। इस अवसर पर संत दुर्गाप्रसाद कटारे, पूर्व विधायक रमेश सक्सेना, नगरपालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, सतीश राठौर, रुद्र प्रकाश राठौर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। महायज्ञ की पूर्णाहुति के बाद देवी की महाआरती की गई, जिससे पूरा वातावरण जय माता दी के जयकारों से गूंज उठा।