- सीहोर। मध्य प्रदेश में बाघों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को जिले के बुधनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत भीमकोठी के जंगलों में एक बाघ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और डॉक्टरों की विशेष टीम मौके पर पहुंची। फिलहाल विभाग मौत के कारणों की गहनता से जांच कर रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही बुधनी वन विभाग की टीम तत्काल सक्रिय हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ सहित उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया। बुधनी वन परिक्षेत्र अधिकारी रजित द्विवेदी ने बताया कि डॉक्टरों की टीम बाघ के शव का परीक्षण कर रही है। विभाग ने पूरे क्षेत्र को अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया है ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बाघ का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि बाघ की मौत प्राकृतिक है या इसके पीछे शिकार जैसी कोई संदिग्ध वजह है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार बाघ का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
2025 में टूटा मौतों का रिकॉर्ड
बता दें टाइगर स्टेट के रूप में पहचाने जाने वाले मध्य प्रदेश में बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े डराने वाले हैं. बीते वर्ष 2025 में राज्य ने बाघों की मौत के मामले में अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस साल कुल 55 बाघों की जान गई, जो कि प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत के बाद से एक साल में सर्वाधिक है।
2026 की शुरुआत भी खराब
साल 2026 के शुरुआती 20 दिनों में ही मध्य प्रदेश लगभग 4 से 6 बाघों को खो चुका है। अब सीहोर जिले में एक बाघ की मौत ने मृतकों बाघों की संख्या में इजाफा कर दिया है।
मृतक बाघों के पिछले वर्षों का ग्राफ
2021: 34 बाघ
2022: 43 बाघ
2023: 45 बाघ
2024: 46 बाघ
2025: 55 बाघ


