वार्ड 30 में गंदे पानी पर घमासान, दावों और विरोध के बीच खुद हकीकत देखने पहुंचे नपा सीएमओ

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सीहोर। शहर के वार्ड क्रमांक 30 में पिछले कई दिनों से चल रही वॉटर पॉलिटिक्स और दूषित पानी की समस्या गुरुवार को उस समय निर्णायक मोड़ पर आ गई, जब नगर पालिका सीएमओ स्वयं मौके पर मुआयना करने पहुंचे। यहां रहवासियों ने उन्हें नलों से आता बदबूदार और गंदा पानी दिखाकर व्यवस्थाओं की पोल खोल दी।
गुरुवार को जब सीएमओ सुधीर कुमार सिंह वार्ड 30 का जायजा लेने पहुंचे तो वहां का नजारा दिलचस्प था। नागरिकों ने सीएमओ को अपने बीच पाकर पहले तो पुष्पहार पहनाकर उनका स्वागत किया, जिसके बाद उन्हें नलों के पास ले जाकर कहा ‘साहब, यह देखिए क्या यह पानी पीने लायक है। कांग्रेस नेता आजम लाला ने मौके पर मौजूद रहकर अधिकारियों को वस्तु स्थिति से अवगत कराया।
एक पखवाड़े से चला आ रहा पानी विवाद
बता दें वार्ड क्रमांक 30 में बीते एक पखवाड़े से पानी विवाद गहराया हुआ है। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के घटनाक्रम के बाद शहर के वार्ड क्रमांक 30 में पार्षद उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे आजम लाला के नेतृत्व में रहवासियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने इंदौर की घटना का हवाला देते हुए चेतावनी दी थी कि दूषित पानी से महामारी फैल सकती है, क्योंकि कई लोग पहले ही पेट दर्द और उल्टी-दस्त का शिकार हो रहे हैं।
पार्षद पक्ष ने किया था पलटवार
इस शिकायत के जवाब में पार्षद प्रतिनिधि इरशाद पहलवान के समर्थकों और कस्बे के कुछ बड़े नेताओं ने एक कार्यक्रम आयोजित कर उनका साफा बांधकर अभिनंदन किया था। समर्थकों ने गंदे पानी की खबरों को ‘झूठी अफवाह’ करार देते हुए दावा किया था कि वार्ड में पर्याप्त जल स्रोत हैं और यह केवल राजनीति है।
पार्षद प्रतिनिधि ने किया था स्वीकार
इस स्वागत समारोह के बाद आजम लाला ने पार्षद प्रतिनिधि को ही वार्ड की गलियों में बुला लिया। प्रत्यक्ष प्रमाणों के सामने पार्षद प्रतिनिधि को भी यह मानना पड़ा कि पाइपलाइन में तकनीकी खामी है और पानी वाकई गंदा आ रहा है। इधर गुरुवार को वार्ड क्रमांक 30 में पहुंचे सुधीर कुमार सिंह ने क्षेत्रवासियों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही तकनीकी खराबी को दूर किया जाएगा।