भोपाल-सीहोर जिला पंचायत के सिस्टम में अंतर….!

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सीहोर। मध्य प्रदेश के दो पड़ोसी जिलों भोपाल और सीहोर की जिला पंचायत बैठकों को लेकर इन दिनों रोचक स्थिति बनी हुई है। एक ओर भोपाल जिला पंचायत में महिला प्रतिनिधियों के पतियों या प्रतिनिधियों के प्रवेश पर कड़ा पहरा है, वहीं दूसरी ओर सीहोर में नियमों में ढील ने चर्चाएं छेड़ दी हैं।
भोपाल जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक आज बुधवार को आयोजित की जा रही है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सामान्य प्रशासन समिति और साधारण सभा की बैठक में केवल निर्वाचित सदस्य ही हिस्सा ले सकेंगे। यहां अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या महिला सदस्यों के प्रतिनिधियों (पतियों) की एंट्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचई, कृषि, वन और महिला एवं बाल विकास विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों की समीक्षा की जानी है।
सीहोर: बदल गया मिजाज, प्रतिनिधियों की मौज
भोपाल के ठीक उलट सीहोर जिला पंचायत में नजारा बदला हुआ है। पहले यहां भी प्रतिनिधियों के बैठने पर पाबंदी थी, लेकिन चर्चा है कि नवागत सीईओ के आने के बाद अब अध्यक्ष और सदस्य प्रतिनिधियों को बैठकों में बैठने से नहीं रोका जा रहा है। अधिकारियों की इस ‘नरम’ नीति के कारण महिला सशक्तिकरण के दावों पर सवाल भी उठ रहे हैं।
सीहोर में अब 23 को होगी बैठक
सीहोर जिला पंचायत की जो बैठक पहले 21 जनवरी को होनी थी, वह अब टल गई है। कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के चलते अब यह बैठक 23 जनवरी को दोपहर 12 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में होगी। इस बैठक में शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, विद्युत मंडल, सामाजिक न्याय और कृषि विभाग के कार्यों की समीक्षा की जाएगी।