सीहोर। बिलकिसगंज जोड़ के पास चल रहा सडक़ निर्माण कार्य आमजन के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। निर्माण एजेंसी और लोक निर्माण विभाग की भारी लापरवाही के चलते गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। सडक़ के बीचों-बीच बिना किसी चेतावनी बोर्ड के डाले गए गिट्टी के ढेर से टकराकर एक 25 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में युवक के पैर की हड्डी बुरी तरह टूट गई है।
जानकारी के अनुसार ग्राम छापरी निवासी रितेश बरेला गुरुवार रात अपनी मोटरसाइकिल से बिलकिसगंज जोड़ वाली सडक़ से गुजर रहे थे। निर्माण कार्य के कारण ठेकेदार ने मुख्य मार्ग पर ही गिट्टी का बड़ा ढेर लगा रखा था। रात का अंधेरा होने और सडक़ पर कोई चेतावनी संकेतक या रिफ्लेक्टर न होने के कारण रितेश को गिट्टी का ढेर दिखाई नहीं दिया। तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर ढेर पर चढक़र फिसल गई।
देर तक सडक़ पर बहता रहा खून
हादसा इतना भीषण था कि रितेश सडक़ पर गिरकर काफी दूर तक घिसटते चले गए। उनके पैर में गंभीर चोट आई और काफी देर तक सडक़ पर खून बहता रहा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उनके परिजनों को सूचित किया और घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक रितेश के पैर की हड्डी कई जगह से टूट चुकी है और उन्हें सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में निर्माण एजेंसी के खिलाफ भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार ने सुरक्षा मानकों को ताक पर रख दिया है। जगह-जगह गड्ढे खोद दिए गए हैं और मुरम-गिट्टी सडक़ पर छोड़ दी गई है, जिससे आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई सुधार नहीं किया गया।
मुआवजे की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि लापरवाही बरतने वाले दोषी ठेकेदार और गैर-जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही गरीब घायल युवक के इलाज के लिए उचित मुआवजा प्रदान किया जाए ताकि उसे आर्थिक राहत मिल सके। फिलहाल इस मामले में विभाग या निर्माण एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है।


