सीहोर। के सैकड़ाखेड़ी स्थित शहीद समाधि स्थल पर हर वर्ष की तरह इस बार भी शहीद हुए क्रांतिकारियों की याद में श्रद्धांजली कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विधायक सुदेश राय, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, वरिष्ठ भाजपा नेता जसपाल सिंह अरोरा, सीताराम यादव, कलेक्टर बालागुरू के., एसपी दीपक कुमार शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों ने शहीद स्थल पहुंचकर स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर 100 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का ध्वजारोहण किया गया और राष्ट्रगान भी गाया गया। सीहोर के लिए 14 जनवरी का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि वर्ष 1858 को 14 जनवरी के दिन सीहोर में स्वतंत्रता के प्रथम संग्राम में 356 क्रांतिकारियों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। अंग्रेजी शासन के खिलाफ मध्य भारत में चल रहे विद्रोह में सीहोर की बर्बरतापूर्ण घटना को जलियावाला बाग हत्याकांड की तरह माना जाता है। 10 मई 1857 को मेरठ की क्रांति से पहले ही सीहोर में क्रांति की ज्वाला सुलग गईं थी। अब सीहोर के उन 356 अमर शहीदों को सम्मान देने के लिए यहां 100 फीट ऊंचा विशाल राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया गया है, जो अब दूर से ही 356 अमर शहीदों के प्रति आस्था प्रकट करेगा।
कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों और मकर संक्रांति के पतंग महोत्सव के बीच प्रशासन ने नगर पालिका के नए टोइंग वाहन को भी हरी झंडी दिखाई। दिन के समय जहां शहीदों को याद किया गया तो वहीं शाम को लेजर शो के माध्यम से उनकी शहादत को भी याद किया गया। शहीद स्मारक स्थल पर आयोजित अमरवीर वंदन कार्यक्रम में पहली बार दिल्ली की विशेषज्ञ टीम ने लेजर शो के जरिए सीहोर के उन 356 वीर सपूतों की शहादत को प्रदर्शित किया, जिन्होंने 1857 की क्रांति में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। 40 फीट की ऊंचाई पर रंग-बिरंगी किरणों के बीच जब क्रांतिकारियों का संघर्ष दिखाए तो उपस्थित हर नागरिक की आंखें गर्व से नम हो गईं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लेजर शो रहा, जिसमें आधुनिक लाइट और दमदार साउंड सिस्टम का उपयोग किया गया। लेजर किरणों के माध्यम से आसमान में करीब 40 फीट की ऊंचाई पर एक लघु फिल्म दिखाई गई। कार्यक्रम में आर्केस्ट्रा कलाकारों ने देशभक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुति दी, जिससे पूरा माहौल राष्ट्रभक्ति के रंग में डूब गया।


