फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट के आधार पर कुर्सी हथियाने का आरोप, उपसंचालक पर गिरी गाज

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सीहोर। जिला सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग के प्रभारी उपसंचालक महेश यादव विवादों के घेरे में आ गए हैं। उन पर फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी पद प्राप्त करने और लंबे समय से उस पर बने रहने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में संज्ञान लेते हुए आयुक्त सामाजिक न्याय संचालनालय भोपाल ने सीहोर कलेक्टर को पत्र लिखकर यादव को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने के निर्देश दिए हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि महेश यादव की वास्तविक दिव्यांगता बहुत कम है, लेकिन उन्होंने प्रभाव का इस्तेमाल कर ज्यादा प्रतिशत का फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया है। विभाग ने इन आरोपों की पुष्टि के लिए उन्हें दिल्ली या भोपाल स्थित एम्स संस्थान में अपनी दिव्यांगता की दोबारा जांच कराने के आदेश दिए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि बार-बार निर्देश मिलने के बावजूद यादव जांच कराने नहीं पहुंचे, जिससे उन पर लगे आरोपों को और बल मिल रहा है।
तबादले पर ले रखा है स्टे
महेश यादव का विवादों से पुराना नाता रहा है। जून 2025 में प्रशासन ने उनका तबादला सीहोर से बालाघाट कर दिया था, लेकिन उन्होंने चालाकी दिखाते हुए न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया और सीहोर में ही डटे रहे। अब आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि उन्हें पद से हटाकर किसी अन्य पात्र अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाए।
विभाग में हडक़ंप, कलेक्टर के एक्शन का इंतजार
आयुक्त का पत्र मिलने के बाद विभाग में खलबली मच गई है। हालांकि पत्र जारी होने के बाद भी अब तक उन्हें पद से मुक्त नहीं किया गया है। वहीं जब इस संबंध में प्रभारी उपसंचालक महेश यादव से पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने केवल इतना कहा कि वे वर्तमान में बाहर हैं और इस विषय पर अभी कुछ नहीं कह सकते।