356 क्रांतिकारियों की शहादत को किया नमन, 100 फीट ऊंचा तिरंगा शान से लहराया

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सीहोर। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों की याद में बुधवार को सैकड़ाखेड़ी स्थित शहीद स्थल पर गरिमामयी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर समूचा शहर उन 356 वीरों की शहादत को नमन करने उमड़ा, जिन्होंने 14 जनवरी 1858 को देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। इस ऐतिहासिक मौके पर शहीद स्थल पर 100 फीट ऊंचे विशाल राष्ट्रीय ध्वज का ध्वजारोहण किया गया, जो अब दूर से ही शहीदों की गाथा सुनाता नजर आएगा।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा, विधायक सुदेश राय, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा और नगरपालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर क्रांतिकारियों को याद किया। पंडित प्रदीप मिश्रा और विधायक श्री राय ने अपने संबोधन में कहा कि सीहोर की यह भूमि हमारे लिए किसी तीर्थ से कम नहीं है। 1858 में यहां हुई बर्बरतापूर्ण घटना जलियांवाला बाग हत्याकांड की याद दिलाती है। इन अमर शहीदों की शहादत को जीवंत रखने के लिए इस स्थल का समग्र विकास निरंतर किया जा रहा है।
हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है यह स्थल: कलेक्टर-एसपी
कलेक्टर बालागुरू के. और एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि सीहोर का यह शहीद स्थल हिंदू-मुस्लिम एकता की एक अद्भुत मिसाल है। उन्होंने कहा कि 1857 की क्रांति में यहां के सेनानियों का मानना था कि देश से बढक़र कुछ नहीं है। आज की युवा पीढ़ी को इन वीर क्रांतिकारियों से प्रेरणा लेनी चाहिए और राष्ट्र रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।
देशभक्ति के तराने और पतंग महोत्सव का आनंद
श्रद्धांजलि सभा के दौरान संगीतिका संगीत महाविद्यालय की टीम ने मधुर देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया। राष्ट्रगान के पश्चात सभी अतिथियों ने मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में आसमान में पतंग उड़ाकर पतंग महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान नगर पालिका के नवीन टोइंग वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया गया।
इतिहास के पन्नों में सीहोर की शहादत
उल्लेखनीय है कि 10 मई 1857 को मेरठ में हुई क्रांति से पहले ही सीहोर में विद्रोह की ज्वाला सुलग चुकी थी। 14 जनवरी 1858 को अंग्रेजी हुकूमत ने मध्य भारत के विद्रोह को कुचलने के लिए 356 क्रांतिकारियों को एक साथ मौत के घाट उतार दिया था। उन्हीं की याद में यह दिन शहीद दिवस के रूप में अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम में सीताराम यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जसपाल अरोरा, राजकुमार गुप्ता, पंकज गुप्ता, सुदीप प्रजापति, सुरेंद्र मेवाड़ा, आनंद गांधी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और स्कूली बच्चे शामिल हुए।