सीहोर। जिला मुख्यालय के समीप चितावलिया हेमा स्थित कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। आगामी 14 फरवरी से शुरू होने वाले भव्य रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को देखते हुए कल 15 जनवरी से 15 मार्च तक रुद्राक्ष का वितरण पूरी तरह बंद रहेगा। यह निर्णय महोत्सव के दौरान उमडऩे वाली लाखों की भीड़ के प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अब श्रद्धालु 15 मार्च के बाद ही रुद्राक्ष प्राप्त कर सकेंगे।
प्रशासन का ‘मास्टर प्लान’
रुद्राक्ष महोत्सव में जुटने वाली रिकॉर्ड तोड़ भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रशासन ने वाहनों के लिए 105 एकड़ जमीन आरक्षित की है। इसमें से 100 एकड़ जमीन निजी वाहनों के लिए और हाईवे के किनारे 5 एकड़ जमीन केवल बसों की पार्किंग के लिए होगी। यातायात को सुगम बनाने के लिए अमलाहा कट पॉइंट से डायवर्जन मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।
सुरक्षा के लिए बनेगा स्पेशल कॉरिडोर
भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन एक विशेष कॉरिडोर तैयार करेगा। इससे आपात स्थिति में एम्बुलेंस, पुलिस बल और वालंटियर्स धाम के हर हिस्से तक तुरंत पहुंच सकेंगे। पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी और वॉच टावरों के जरिए कंट्रोल रूम से की जाएगी।
कमिश्नर और आईजी ने संभाली कमान
तैयारियों का जायजा लेने के लिए भोपाल संभाग के आयुक्त संजीव सिंह, आईजी अभय सिंह और आईजी राजेश चंदेल कुबेरेश्वर धाम पहुंचे। बैठक में कलेक्टर प्रवीण सिंह और एसपी दीपक कुमार शुक्ला की मौजूदगी में अधिकारियों ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। इस दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने भी व्यवस्थाओं को लेकर समिति का पक्ष रखा।
धाम में मिलेंगी ये सुविधाएं
भोजन प्रसादी: प्रसादी वितरण के लिए 3 अलग कतारें होंगी, जहां खाने की क्वालिटी की जांच लगातार की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवा: धाम परिसर में 24 घंटे मेडिकल टीमें और एम्बुलेंस तैनात रहेंगी।
मोबाइल नेटवर्क: सिग्नल की समस्या दूर करने के लिए अतिरिक्त मोबाइल टावर लगाए जाएंगे।
पेयजल व स्वच्छता: अस्थायी जल स्रोत, साफ सुथरे, शौचालय और पर्याप्त रोशनी का प्रबंध किया जाएगा।
अधिकारियों ने कुबेरेश्वर धाम के चप्पे-चप्पे का निरीक्षण कर समिति को सभी कार्य समय सीमा में पूरे करने की हिदायत दी है।


