एसआई की थार ने ली जान, न्याय के लिए एसपी दफ्तर में भूख हड़ताल

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सीहोर। कानून की रक्षा करने वाली वर्दी जब खुद गुनाहगार बन जाए और सिस्टम उसे बचाने में जुट जाए तो आम आदमी कहां जाए… एक ऐसा ही मामला तूल पकड़ता जा रहा है। हाईवे पर अपनी तेज रफ्तार थार कार से एक व्यक्ति को कुचलने वाली महिला सब.इंस्पेक्टर किरण राजपूत की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग को लेकर पीडि़त परिवार अब आर-पार की लड़ाई पर उतर आया है।
शुक्रवार को न्याय की गुहार लेकर मृतक जय शर्मा की पत्नी सीमा शर्मा और उनके परिजन एसपी कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ गए। इस दौरान माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब मृतक के भाई (जो भारतीय सेना में पदस्थ हैं) और कोतवाली टीआई रविंद्र यादव के बीच कार्रवाई में देरी को लेकर बहस हुई। हालांकि एएसपी सुनीता रावत ने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी से कम पर राजी नहीं है।
यह था पूरा मामला
घटना 12 दिसंबर की है। रातीबड़ निवासी विजय शर्मा अपने भाई और परिजनों के साथ मोटरसाइकिल से लौट रहे थे, तभी झागरिया जोड़ पर आष्टा थाने में पदस्थ एसआई किरण राजपूत ने अपनी लाल रंग की थार से उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। आरोप है कि टक्कर के बाद कार ने बाइक सवारों को 25-30 फीट तक घसीटा। हादसे में विजय शर्मा की मौत हो गई, जबकि उनके भाई गंभीर रूप से घायल हैं। एसआई ने घायलों की मदद करने के बजाय लोगों को धमकाया और आरक्षक केके यादव की मदद से मौके से फरार हो गईं।
वीडियो सबूत सभी मौजूद
परिजनों का आरोप है कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद पुलिस अपनी विभाग की अधिकारी को बचा रही है। मामले में अब तक हिट एंड रन की सख्त धाराएं नहीं जोड़ी गई हैं और न ही एसआई की गिरफ्तारी हुई है।
परिजनों की मांगें

  • – आरोपी एसआई किरण राजपूत को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
  • – ड्यूटी में लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के लिए उन्हें नौकरी से बर्खास्त किया जाए।
  • – फरार होने में मदद करने वाले आरक्षक केके यादव पर कानूनी कार्रवाई हो।