सीहोरी मिट्टी की महक अब विदेशों तक पहुंचेगी, महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर: अरुणा राय

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सीहोर। आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी जागरण अभियान के तहत सीहोर की मिट्टी अब अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने को तैयार है। माटीकला बोर्ड और हस्तशिल्प विभाग द्वारा आयोजित टेराकोटा हस्तशिल्प प्रशिक्षण शिविर में पहुंचीं समाजसेवी अरुणा सुदेश राय ने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सीहोर की मिट्टी से बने गुणवत्तापूर्ण सजावटी सामान और खिलौनों को न केवल स्थानीय बाजार उपलब्ध कराया जाएगा, बल्कि विभाग के माध्यम से इन्हें विदेशों तक निर्यात करने का प्रयास भी किया जाएगा।
गुरुवार को गंज स्थित कुम्हार मोहल्ला पहुंचीं अरुणा सुदेश राय ने स्वयं चाक मशीन पर बैठकर मिट्टी के दीपक बनाए। उन्होंने वहां मौजूद प्रजापति समाज की महिलाओं की लगन और मेहनत की सराहना की। इस दौरान उन्होंने मकर संक्रांति पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए सभी प्रशिक्षणार्थियों को तिल्ली के लड्डू भी बांटे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्वरोजगार के लिए महिलाओं को जो भी जरूरी साजो-सामान लगेगा वह उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वदेशी से सशक्तिकरण की राह
कार्यक्रम में भाजपा जिला मंत्री प्रीति सोनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विधायक सुदेश राय स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। विदेशी उत्पादों के बहिष्कार और स्थानीय कला को सम्मान देने से ही महिलाएं सही मायनों में सशक्त होंगी।
45 दिवसीय प्रशिक्षण में 27 महिलाएं ले रही हैं भाग
माटी कला बोर्ड के सहायक संचालक अशोक गोयल और सहायक प्रबंधक हरीश सीठा ने बताया कि मास्टर ट्रेनर हेमंत प्रजापति के नेतृत्व में 27 महिलाएं 45 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। इस अवसर पर संतोष विजयवर्गीय, अनिल बघेल सहित विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं। प्रशिक्षण ले रही महिलाओं ने पुष्पमालाओं से अतिथियों का स्वागत किया और आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया।