प्रदेश के एकमात्र आवासीय खेलकूद संस्थान में खिलाडिय़ों की सेहत से खिलवाड़, प्रबंधन को एक और वीआईटी कांड का इंतजार

08 sehore photo 14

सीहोर। मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए जिला मुख्यालय पर स्थापित प्रदेश का एकमात्र आवासीय खेलकूद संस्थान इन दिनों अपनी बदहाली के आंसू रो रहा है। सुविधाओं के नाम पर करोड़ों के बजट वाले इस संस्थान में भविष्य के खिलाडिय़ों को न तो ढंग का खाना मिल रहा है और न ही पीने को साफ पानी। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि यहां की तुलना पिछले दिनों विवादों में रहे कोठरी स्थित वीआईटी कॉलेज से की जाने लगी है, जहां दूषित भोजन और पानी के चलते एक छात्रा की जान चली गई थी।
पड़ताल में सामने आया कि संस्थान के भीतर लगा वाटर कूलर सालों से शोपीस बना हुआ है। मजबूरी में छात्र सीधे छतों पर रखी टंकियों का पानी पी रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इन टंकियों की सालों से सफाई नहीं हुई है। इसी दूषित पानी का उपयोग मेस में खाना बनाने के लिए भी किया जा रहा है। मेस के भीतर चारों ओर गंदगी का साम्राज्य है, जो संक्रामक बीमारियों को खुला निमंत्रण दे रहा है।
कच्ची रोटियां और मीनू से गायब डाइट
खिलाडिय़ों को मिलने वाली डाइट के नाम पर यहां केवल खानापूर्ति हो रही है। छात्र हेमंत परमार ने बताया कि मेस में रोटियां अक्सर कच्ची दी जाती हैं। मीनू के अनुसार पोषण युक्त भोजन नहीं मिलता। नियमों के मुताबिक ठंड की शुरुआत से ही डाइट में अंडे शामिल होने थे, लेकिन लापरवाही का आलम यह है कि इन्हें अब देना शुरू किया गया है।
दूषित पानी ने छात्रा हुआ बीमार
संस्थान की लापरवाही का सबसे बड़ा शिकार 9वीं का छात्र योगेंद्र यादव हुआ। दूषित पानी पीने की वजह से योगेंद्र को पीलिया हो गया। हालत इतनी बिगड़ी कि उसे इलाज के लिए अपने घर जाना पड़ा, जहां वह 15 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहा। हाल ही में स्वस्थ होकर लौटे योगेंद्र की आपबीती यहां के अन्य छात्रों के डर को और बढ़ा रही है।
वीआईटी कांड से कोई सबक नहीं लिया
बीते महीनों कोठरी स्थित वीआईटी कॉलेज में गुणवत्ताहीन भोजन के कारण अनेक छात्रों को पीलिया हुआ था और एक छात्रा की मौत के बाद 4000 छात्रों ने कैंपस में भारी तोडफ़ोड़ व आगजनी की थी। मामला विधानसभा से लेकर राज्यसभा तक गूंजा था, जिससे जिले की छवि खराब हुई थी। खेलकूद संस्थान के मौजूदा हालात भी उसी दिशा में इशारा कर रहे हैं। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यहां भी आक्रोश की चिंगारी भडक़ सकती है।
निरीक्षण करुंगा
मेस प्रबंधन की लापरवाही को लेकर उन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है। संस्थान की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर जल्द ही सुधार के निर्देश दिए जाएंगे ताकि छात्रों को कोई असुविधा न हो।
आलोक शर्मा, प्राचार्य आवासीय खेलकूद संस्थान सीहोर