सीहोर में भक्ति का महाकुंभ, करोली माता मंदिर में पहली बार सजेगी ‘सहस्त्र चंडी’ की दिव्य यज्ञशाला, 108 विद्वानों के मंत्रोच्चार से गूंजेगा आकाश

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सीहोर। शहर की पावन धरा एक ऐसे ऐतिहासिक आध्यात्मिक अनुष्ठान की साक्षी बनने जा रही है, जो शहर के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। प्राचीन करोली माता मंदिर में आगामी 18 जनवरी से सहस्त्र चंडी महायज्ञ का शंखनाद होगा। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था का वह सैलाब है जहाँ देश भर से आए 108 प्रकांड विद्वान ब्राह्मणों की आहुतियों से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना की जाएगी। मौनी अमावस्या के शुभ संयोग से शुरू होने जा रहे इस 10 दिवसीय आयोजन ने अभी से ही पूरे जिले को भक्तिमय कर दिया है।
समिति के अध्यक्ष विवेक राठौर और मीडिया प्रभारी प्रदीप समाधिया ने बताया कि इस अनुष्ठान की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी शुरुआत 18 जनवरी को दोपहर 3 बजे एक विशाल कलश यात्रा से होगी। इसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति सिर पर मंगल कलश धारण कर शामिल होंगी। अगले दिन 19 जनवरी को सुबह 7 बजे अग्नि स्थापना के साथ यज्ञ की मुख्य आहुतियां शुरू होंगी, जो प्रतिदिन शाम 5 बजे तक अनवरत जारी रहेंगी।
108 ब्राह्मणों का दिव्य अनुष्ठान
यज्ञाचार्य पंडित महादेव शर्मा के नेतृत्व में देशभर के विभिन्न कोनों से आए 108 विद्वान ब्राह्मण दुर्गा सप्तशती के पाठ और विशेष पंचांग पूजन संपन्न कराएंगे। मंदिर परिसर में इसके लिए एक विशेष और भव्य यज्ञशाला का निर्माण किया जा रहा है, जो आकर्षण का केंद्र बनेगी हुई है।
भक्ति के साथ सेवा का संकल्प
धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ यहां सेवा का संगम भी देखने को मिलेगा। 10 दिनों तक प्रतिदिन विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करेंगे। शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों और कन्या पूजन के जरिए भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। आयोजन समिति ने सीहोर और आसपास के सभी श्रद्धालुओं से इस दिव्य अवसर पर उपस्थित होकर पुण्य लाभ लेने का आह्वान किया है।