सीहोर। भारतीय जनता पार्टी में अनुशासन और नियमों की दुहाई दी जाती है, लेकिन जिले की नई कार्यकारिणी की घोषणा ने इन दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। 345 दिनों के लंबे इंतजार के बाद जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने अपनी 28 सदस्यीय टीम की घोषणा तो कर दी, लेकिन इसमें कुछ ऐसे चेहरे शामिल हैं जिन्होंने संगठन के ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ वाले सदस्यता अभियान में रुचि तक नहीं दिखाई थी।
भाजपा के संगठनात्मक पर्व सदस्यता अभियान 2024 की स्पष्ट गाइडलाइन थी कि जिला या मंडल कार्यकारिणी में केवल उन्हें ही जगह मिलेगी जो सक्रिय सदस्य होंगे। सक्रिय सदस्य बनने की अनिवार्य शर्त थी कि संबंधित कार्यकर्ता ने डिजिटल माध्यम से कम से कम 50 से 100 नए सदस्य बनाए हों। संगठन ने बार-बार दोहराया था कि पदाधिकारियों की नियुक्ति का मुख्य आधार उनका डिजिटल डैशबोर्ड और परफॉरमेंस रिपोर्ट होगी।
हकीकत: बिना सदस्य बनाए भी मिला पद
हाल ही में घोषित कार्यकारिणी में कई ऐसे नाम सामने आए हैं, जिन्होंने सदस्यता अभियान के दौरान न तो क्षेत्र में पसीना बहाया और न ही निर्धारित संख्या में सदस्य बनाए। इसके बावजूद उन्हें उपाध्यक्षए मंत्री और सह कोषाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों से नवाजा गया है। पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं के बीच अब यह चर्चा आम है कि जब अंत में समन्वय और गुटबाजी के आधार पर ही पद बांटे जाने थे तो सदस्यता का कठिन लक्ष्य क्यों दिया गया था।
क्षेत्रीय और गुटीय संतुलन में फंसी टीम
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कार्यकारिणी गठन में हुई एक साल की देरी की मुख्य वजह इछावर, बुधनी, आष्टा और सीहोर के बीच गुटीय तालमेल बिठाना था। जितेंद्र गौड़, तारा कटारिया और पंकज गुप्ता को महामंत्री बनाकर क्षेत्रीय संतुलन साधा गया। हालांकि महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद में इस बार सीहोर विधानसभा क्षेत्र को जगह नहीं दी गई है।
कार्यकर्ताओं में बढ़ा असंतोष
संगठन के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि जो कार्यकर्ता चिलचिलाती धूप में फोन लेकर घर-घर गए और सदस्य बनाए, वे आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। गैर सक्रिय सदस्यों को पदाधिकारी बनाए जाने से पार्टी के ‘कैडर-बेस’ सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं।
उपाध्यक्ष और मंत्रियों में इन्हें जिम्मेदारी
संगठन की मजबूती के लिए उपाध्यक्ष पद पर अतुल शर्मा, धारासिंह पटेल, कैलाश सुराणा, राजेंद्र राजपूत, प्रेमनारायण मीना, ओम पटेल, रुपेश राठौर और आनंद पटेल को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं मंत्री पद के लिए लाल सिंह चौहान, राजेश पाल, गिरीश सोलंकी, बलवंत सिंह परमार, अलका चौहान, सविता जयसिंह ठाकुर, दिनेश मेवाड़ा और प्रीति सोनी के नामों पर मुहर लगी है।
इन्हें मिली प्रबंधन की जबावदारी
संगठन के वित्तीय और प्रशासनिक प्रबंधन के लिए हेमलता विजेंद्र परमार को कोषाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि शिवम सोनी और अनिता ठाकरे सह कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे। कार्यालय प्रबंधन के लिए आशिष पचौरी को कार्यालय मंत्री और उमेश शर्मा व गिरीजा कुशवाह को सह कार्यालय मंत्री नियुक्त किया गया है।
मीडिया और आईटी सेल पर भरोसा
आगामी चुनौतियों और डिजिटल युग को देखते हुए मीडिया विभाग की कमान प्रीतेश राठौर को सौंपी गई है उनके साथ पवन जैन सह मीडिया प्रभारी होंगे। वहीं आईटी विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अनुपम गौड़ को दी गई है।
हां गाईड लाइन थी
सदस्यता अभियान के जिला प्रभारी रहे धारासिंह पटेल ने बताया कि सदस्यता अभियान में यह गाइड लाइन तय थी कि ज्यादा से ज्यादा सदस्य बनाने वाले कार्यकर्ताओं को जिला व मंडल की कार्यकारिणी में प्राथमिकता से स्थान दिया जाएगा।
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