सीहोर। अमृत-2 योजना के तहत शहर में पानी की टंकियों का निर्माण कर रही गुजरात की श्याम कंस्ट्रक्शन कंपनी को सीहोर के बिजली विभाग को हल्के में लेना महंगा साबित हुआ। स्थानीय बिजली कंपनी की सतर्कता को ‘अंडर एस्टिमेट’ कर अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर रही इस बाहरी कंपनी पर विभाग ने छापामार कार्रवाई करते हुए हजारों रुपए का जुर्माना लगाया है।
छापेमारी में पकड़ी गई चोरी बिजली कंपनी की टीम ने बुधवार को निर्माण स्थलों पर औचक दबिश दी। इस दौरान निर्माणाधीन टंकियों पर बिजली चोरी का खुलासा हुआ। सूत्रों के अनुसार विभाग ने नियमों की धज्जियां उड़ाने पर श्याम कंस्ट्रक्शन पर 32 हजार, 52 हजार और 68 हजार रुपए के अलग-अलग जुर्माने लगाए हैं।
नहीं लिया कनेक्शन
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी महत्वाकांक्षी योजना के निर्माण के लिए कंपनी ने न तो स्थायी कनेक्शन लिया और न ही अस्थायी। मीडिया की पड़ताल के दौरान मौके पर मिक्सर मशीन और वेल्डिंग जैसे भारी उपकरण अवैध बिजली से चलते पाए गए। जब कंपनी के प्रतिनिधियों से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने चौंकाने वाला तर्क दिया। कंपनी का दावा है कि नगर पालिका ने उन्हें कहा था कि बिजली कनेक्शन लेने की कोई जरूरत नहीं है।
पश्चिम बंगाल के मजदूर लगे काम में
निर्माण कार्य में पश्चिम बंगाल से आए मजदूर लगे हुए हैं, जो दिन-रात इन स्थलों पर काम करते हैं। बिना किसी वैध और सुरक्षित बिजली कनेक्शन के अवैध तारों के बीच काम करना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। राजस्व की चपत लगाने के साथ-साथ यह कंपनी मजदूरों की सुरक्षा को भी ताक पर रखे हुए थी।
कंपनी की चेतावनी
विभाग की चेतावनी बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी कंपनी चाहे वह स्थानीय हो या बाहरी, नियमों से ऊपर नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह की औचक कार्रवाई जारी रहेगी और अवैध बिजली उपयोग पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


