सीहोर। विठ्ठलेश्वर सेवा समिति के तत्वावधान में आगामी 17 फरवरी से आयोजित होने वाले भव्य रुद्राक्ष महोत्सव के स्वरूप में इस बार एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और हाईवे पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए इस बार हेलीपैड का निर्माण कुबेरेश्वर धाम के बिल्कुल समीप ही किया जा रहा है। इस व्यवस्था से वीवीआईपी मेहमान चंद मिनटों में सीधे कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकेंगे और इंदौर-भोपाल हाईवे की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित नहीं होगी।
विठ्ठलेश्वर सेवा समिति के प्रवक्ता मनोज दीक्षित ने बताया कि पिछले आयोजनों के दौरान हेलीपैड इछावर रोड स्थित अल्हादाखेड़ी पर होता था। वहां से वीवीआईपी को सडक़ मार्ग के जरिए हाईवे होते हुए धाम तक आना पड़ता था। सुरक्षा प्रोटोकॉल और काफिले के कारण हाईवे पर यातायात पूरी तरह चरमरा जाता था, जिससे आम श्रद्धालुओं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। स्थिति इतनी विकट हो जाती थी कि पिछले आयोजनों में कई वीवीआईपी को अपना दौरा तक निरस्त करना पड़ा था। अब धाम के पास हेलीपैड बनने से सुरक्षा और सुगमता दोनों सुनिश्चित होंगी।
प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर सरकार का महासंगम
बता दें इस वर्ष का रुद्राक्ष महोत्सव ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि सनातन धर्म के दो प्रखर ध्वजवाहक पंडित प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक साथ मंच साझा करेंगे। देश के इन दो बड़े कथा वाचकों को एक साथ देखने के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।
यह खास इंतजाम भी
बता दें इस लाखों की भीड़ में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन और समिति ने हेल्थ मॉडल तैयार किया है। जिसके तहत 20 एम्बुलेंस की तैनात रहेंगी, इनमें 15 फोर व्हीलर और 5 बाइक मोबाइल एम्बुलेंस शामिल हैं। बाइक एम्बुलेंस संकरी गलियों और पांडाल के भीतर से मरीज को तेजी से बाहर निकालने में सक्षम होंगी। इसी तरह धाम पर ही मिनी आईसीयू बनाया जाएगा।


