सीहोर जिपं., आज फिर ‘अग्निपरीक्षा’ में महिला सशक्तिकरण, क्या बैठक में दिखेंगे (माननीय पतिदेव)

23 sehore photo 08

सीहोर। सरकार की फाइलों में महिला सशक्तिकरण की मजबूती के दावे भले ही ऊंचे हों, लेकिन सीहोर जिला पंचायत के सभाकक्ष में आज यह दावा एक बार फिर ‘कच्चा’ साबित हो सकता है। आज दोपहर 12 बजे होने वाली जिला पंचायत की महत्वपूर्ण बैठक में इस बात पर सबकी नजर रहेगी कि कुर्सी पर चुनकर आई ‘महिला नेत्री’ बैठती हैं या उनके ‘प्रतिनिधि पति’।
हैरानी की बात यह है कि सीहोर से सटे भोपाल जिला पंचायत में नियमों का कड़ा पहरा है। दो दिन पहले वहां हुई बैठक में प्रशासन ने साफ कर दिया था कि निर्वाचित महिला सदस्यों के प्रतिनिधियों या पतियों की एंट्री पर ‘नो एंट्री’ का बोर्ड लगा है। वहां केवल वे ही सदस्य पहुंचे जिनके नाम पर जनता ने मुहर लगाई है, लेकिन सीहोर में गंगा उल्टी बह रही है।
सीईओ साहब की ‘नरमी’ या सिस्टम की मजबूरी
सीहोर जिला पंचायत में पहले भी महिला सीईओ ही कमान संभाल रही थीं और वर्तमान में भी महिला अधिकारी ही सीईओ हैं। पूर्व की अधिकारी के समय ‘पति-राज’ पर सख्ती से रोक थी, लेकिन चर्चा है कि वर्तमान सीईओ के आने के बाद से नियमों में नरमी देखी जा रही है। पिछली एक-दो बैठकों से प्रतिनिधियों को बेधडक़ बैठने की अनुमति दी जा रही है, जो महिला सशक्तिकरण की मजबूती के दावों को कमजोर कर रहा है।
बैठक में आज क्या होगा
आज की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बिजली जैसे गंभीर विषयों पर समीक्षा होनी है। बड़ा सवाल यह है कि क्या महिला सदस्य खुद इन गंभीर मुद्दों पर अपनी बात रखेंगी या फिर हमेशा की तरह उनके पीछे खड़े प्रतिनिधि (पति) ही फैसले लेंगे। बता दें 21 जनवरी को टली यह बैठक आज 23 जनवरी को दोपहर 12 बजे शुरू होगी। शहर में चर्चा आम है कि क्या आज प्रशासन भोपाल जैसी ‘सख्ती’ दिखाएगा या फिर सीहोर में ‘प्रतिनिधि कल्चर’ को ही सशक्त किया जाएगा।