सीहोर। जिले के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग में ‘फर्जीवाड़े की बैसाखी’ के सहारे पद पर जमे प्रभारी उपसंचालक महेश कुमार यादव को आखिरकार हटा दिया गया है। अपनी दिव्यांगता की जांच कराने से लगातार बच रहे यादव से विभाग का प्रभार छीनकर अब संयुक्त कलेक्टर रविन्द्र परमार को सौंप दिया गया है।
महेश यादव पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी नौकरी पाने के लिए फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र का सहारा लिया। शिकायत के अनुसार उनकी वास्तविक दिव्यांगता का प्रतिशत सर्टिफिकेट में दिखाए गए प्रतिशत से काफी कम है। मामले के खुलासे के बाद सामाजिक न्याय संचालनालय भोपाल ने उन्हें एम्स में अपनी जांच कराने के आदेश दिए थे, लेकिन कई बार मौका देने के बावजूद यादव जांच कराने नहीं पहुंचे।
कलेक्टर ने आयुक्त के पत्र पर की कार्रवाई
आयुक्त द्वारा सीहोर कलेक्टर को लिखे गए पत्र में स्पष्ट कहा गया था कि जांच पूरी होने तक यादव को पद से हटाया जाए। इसी निर्देश के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
अब रविन्द्र परमार संभालेंगे कमान
प्रशासन ने विभाग के कामकाज को सुचारु रूप से चलाने के लिए संयुक्त कलेक्टर रविन्द्र परमार को नया प्रभारी नियुक्त किया है। माना जा रहा है कि इस बदलाव के बाद अब फर्जी सर्टिफिकेट मामले की जांच में तेजी आएगी और सच्चाई सामने आ सकेगी।


