सीहोर। जिला मुख्यालय सहित सीहोर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर विधायक सुदेश राय की धीमी मगर, गंभीर कार्यशैली इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। विधायक निधि के आंकड़ों को लेकर जानकार इसे सुदेश राय की एक विशेष रणनीतिक कार्यशैली के रूप में देख रहे हैं, जहां वे बजट को केवल ठिकाने लगाने के बजाय ठोस और स्थाई निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
आंकड़ों के मुताबिक सुदेश राय ने वित्तीय वर्ष अपनी विधायक निधि से अब तक 83.50 लाख रुपये खर्च किए हैं। उनके समर्थकों और जानकारों का मानना है कि वे मितव्ययी और सजग जनप्रतिनिधि की तरह काम कर रहे हैं। विधायक निधि का बड़ा हिस्सा अक्सर चबूतरे और छोटी नालियों जैसे अस्थाई कार्यों में खर्च हो जाता है, लेकिन सुदेश राय का प्रयास है कि जनता के पैसे का उपयोग ऐसे बड़े और मजबूत प्रोजेक्ट्स में हो, जो लंबे समय तक टिकें और जनता के काम आ सकें।
2013 के बाद बदला सीहोर का चेहरा
सुदेश राय साल 2013 में पहली बार निर्दलीय विधायक के रूप में चुनकर आए थे, तब से लेकर अब तक लगातार तीसरी बार विधायक के रूप में उनके कार्यकाल में सीहोर की तस्वीर बदली है। उनके प्रमुख विकास कार्यों की सूची काफी लंबी है, जिनमें….
परिवहन और सुगमता: सीहोर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प, मंडी ओवरब्रिज का निर्माण, जबकि इंदौर नाका से क्रिसेंट, सैकड़ाखेड़ी से शहर, झागरिया बाइपास से शहर तक की वीआईपी सडक़, गणेश मंदिर मार्ग, वहीं हाऊसिंग बोर्ड और फंदा ओवरब्रिज का निर्माणधीन काम।
कनेक्टिविटी: सीहोर जमोनिया रोड से बरखेड़ा हसन तक की सडक़, सीवन नदी पर बने दोनों प्रमुख पुल, सोया चौपाल से पचामा तक का निर्माणाधीन मार्ग।
भव्य भवन: जिला अस्पताल की नवनिर्मित बिल्डिंगें, तहसील भवन, लॉ कॉलेज का भवन, जबकि इसमें अंचल में कराए गए भवनों का विकास कार्य शामिल नहीं है। वहीं हाल ही में विधायक सुदेश राय द्वारा भव्य शहीद स्थल का निर्माण भी कराया है।
ठोस कार्य जरुरी
सीहोर विधानसभा क्षेत्र की जनता का सुदेश राय पर भरोसा उनकी लगातार तीसरी जीत से स्पष्ट होता है। उनके समर्थकों का कहना है कि सुदेश राय आंकड़ों की रेस में भागने के बजाय धरातल पर दिखने वाले ठोस कार्यों पर विश्वास करते हैं।
वित्तीय वर्ष की खर्च राशि, विधानसभावार
सीहोर : सुदेश राय, 83.50 लाख रुपए खर्च
आष्टा : गोपाल सिंह इंजीनियर, 1.76 करोड़ रुपए खर्च
इछावर : करण सिंह वर्मा, 2.46 करोड़ रुपए खर्च
बुदनी : रमाकांत भार्गव, 2.09 करोड़ रुपए खर्च


