किसान बोले, अब सिर्फ आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए, मुआवजा मिला पर फसल बीमा आज भी अधूरा सपना

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किसान नेता एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में भोपाल पहुंचा प्रतिनिधिमंडल, मुख्य सचिव और सीएम के सचिव को सुनाई गांवों की पीड़ा
सीहोर। अपनी विभिन्न परेशानियों समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल भोपाल पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय, मानवाधिकार आयोग और मुख्य निर्वाचन कार्यालय में प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों को गुलदस्ता भेंट कर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान किसानों ने गांवों की बदहाली, खेतों की चिंता और किसानों की टूटी उम्मीदों को ज्ञापन के माध्यम से सरकार के समक्ष रखा।
मुख्य सचिव अनुराग जैन से मुलाकात के दौरान किसानों ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए कहा कि सर, सोयाबीन की खराब फसल का मुआवजा और भावांतर की राशि तो मिल गई है, लेकिन फसल बीमा की राशि आज भी हमारे लिए एक अधूरा सपना बनी हुई है। किसानों ने मांग की कि जिन गांवों में सडक़ निर्माण के प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित हैं, उन्हें जल्द स्वीकृति दी जाए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में गहराते जल संकट और बिजली की अघोषित कटौती की समस्याओं से भी अवगत कराया। मुख्य सचिव ने किसानों की बात को गंभीरता से सुना और जल्द ही उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया।
सडक़ों के लिए मिला आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सचिव चंद्रशेखर बालिम्बे से भेंट कर अनुसूचित जाति बस्तियों में जर्जर सडक़ों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि इन बस्तियों में सडक़ न होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि सचिव बालिम्बे ने आश्वस्त किया कि संबंधित ग्रामों की सडक़ें शीघ्र स्वीकृत की जाएंगी। इसके साथ ही मुख्य सचिव के उप सचिव डीके नागेंद्र से मिलकर भी सडक़ निर्माण की फाइलों को गति देने की मांग की गई।
दिया गांव आने का आमंत्रण
किसानों ने मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह, मुख्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव और गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव एसएन मिश्रा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों से भी भेंट की। किसानों ने अधिकारियों को ग्रामीण हकीकत देखने के लिए गांव आने का आमंत्रण दिया।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में मोतीलाल मेवाड़ा, राम सिंह मेवाड़ा, बने सिंह मेवाड़ा, रमेशचंद्र वर्मा और प्रीतम मेवाड़ा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।