सीहोर। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की राजयोगिनी शारदा दीदी का किलेरामा में आष्टा के प्रवेश द्वार पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष कैलाश परमार ने कुमकुम के टीके, पुष्प माला पहना कर शाल उड़ाकर चरणों में दंडवत नमन करते हुए स्वागत किया।
इस मौके पर पूर्व नपाध्यक्ष परमार ने कहा कि हमने आहार एवं व्यवहार कि शुद्धता ब्रह्मकुमारी परिवार से सीखी है। राजयोगिनी दीदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि सर्वोच्च शक्ति ईश्वर है जो सर्वोपरि और सर्वव्यापी है। उस सर्वोच्च शक्ति से बढकर कोई नहीं है, हम सब उसे ही परमात्मा कहते है उसका नाम ही शिव है जो कल्याणकारी है, निराकार है वै ज्ञान शांति आनंद सुख और पवित्रता के सागर है। यह श्रष्टि चक्र अनादि एवं अविनाशी है वर्तमान समय कलयुग का अंत और सतयुग का आरम्भ है दीदी ने आगे कहा कि ब्रह्मा कुमारी परिवार कि शिक्षाएं एक जीवन शैली सिखाती है जो व्यक्ति के मन विवेक स्वभाव को बेहतर बनाती है जो व्यसनों को त्याग करवा कर समाज में उपयोगी बनाता है व्यसनों के त्याग से व्यक्ति का जीवन धन्य हो जाता है।
इस अवसर पर अंचल प्रमुख पंचशीला दीदी, आष्टा ब्रह्म कुमारी परिवार कि प्रमुख कुसुम दीदी, नीलिमा दीदी, रमेश पिपलोदिया, कन्हैयालाल परमार, शुभम शर्मा, मुकेश चावड़ा, सुरेन्द्र सिंह परमार, वीरेंद्र सिंह परमार एडवोकेट, जसवीर सिंह, मनमोहन सिंह उपस्थित रहे।


