आस्था का अद्भुत दृश्य, चंदेरी में देवधर्मी की गादी पर उमड़ा जनसैलाब, दुख-दर्द हुए दूर

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सीहोर। जिले के समीपस्थ ग्राम चंदेरी में रविवार की सुबह ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर देखने-सुनने वाले के मन को आस्था और विश्वास से भर दिया। आधुनिकता की तेज़ रफ्तार के बीच भी जब ग्रामीण अंचल में देवी-देवताओं की परंपरागत आस्था जीवंत रूप में सामने आती है, तो उसे चमत्कार कहें या अटूट श्रद्धा—यह तय कर पाना कठिन हो जाता है। चंदेरी में देवधर्मी की गादी पर जो कुछ घटित हुआ, उसने सैकड़ों लोगों के दिलों में उम्मीद की लौ जगा दी।

सुबह होते ही चंदेरी के अलावा पिपलिया मीरा, भगवानपुरा, आलमपुरा, बिलकिसगंज, अल्हदाखेड़ी, चौंदी, तज, अमरोद, खामलिया, थूना, पचामा, नयापुरा, बैरागढ़ खुमान, मगरखेड़, जमनी, पड़ली, सेवनिया, अवंतीपुरा, कौड़िया सहित आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों से ग्रामीण गाजे-बाजे, डीजे, ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के साथ देवधर्मी की गादी पर पहुंचे। महिलाएं सिर पर कलश लिए, पुरुष जयकारे लगाते और बच्चे उत्सुक निगाहों से इस अनोखे दृश्य को देख रहे थे। एक किलोमीटर से भी लंबी कलश यात्रा ने पूरे गांव को मानो मेले में बदल दिया। हर चेहरे पर उम्मीद थी—किसी को बीमारी से मुक्ति की आस थी, तो कोई वर्षों पुराने दुख-दर्द से राहत की कामना लेकर बाबा के दरबार में पहुंचा।

गांव के समाजसेवी एवं किसान एम.एस. मेवाड़ा ने बताया कि शनिवार रात देवधर्मी की गादी के पंडाजी के हाथों में चमत्कारिक रूप से पानी प्रकट हुआ, जिसके बाद यह मान्यता फैल गई कि देवधर्मी ने एक सप्ताह तक लोगों के दुख-दर्द हरने का वचन दिया है। यह खबर आग की तरह आसपास के गांवों में फैली और रविवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

देवधर्मी की गादी पर लगे दरबार में लोग अपनी-अपनी पीड़ा रखते गए और उन्हें समाधान का मार्ग बताया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यहां आकर वर्षों पुरानी बीमारियों में राहत मिली, मानसिक कष्ट दूर हुए और जीवन में नई ऊर्जा का संचार हुआ। आस्था के इस संगम में हर कोई भावविभोर दिखाई दिया।

एम.एस. मेवाड़ा ने बताया कि चंदेरी गांव में देवधर्मी देव भिलट की दो गादी स्थापित हैं, जहां देवता के आगमन से जनसाधारण के संकट कटते हैं। देवधर्मी के पंडाजी हरि सिंह मेवाड़ा एवं उनके साधक राजमल मेवाड़ा आगामी एक सप्ताह तक गादी पर रहकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे। इस दौरान प्राकृतिक आपदाओं, ओलावृष्टि जैसी विपदाओं से गांव की रक्षा का भी वचन दिया गया। इसके साथ ही बाबा ने गो रक्षा करने की बात कही गई।

आस्था के इस सप्ताह में फूल सिंह गुर्जर द्वारा भागवत कथा का वाचन होगा, वहीं संतोष पंडित के सान्निध्य में हवन-पूजन संपन्न कराया जाएगा। चंदेरी में उमड़ा यह जनसैलाब यह बताने के लिए काफी है कि आज भी ग्रामीण जीवन में श्रद्धा, विश्वास और भक्ति लोगों के दुख-दर्द को सहने की ताकत और जीने की नई राह दिखाती है।