वीआईटी का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था, कि अब कृषि महाविद्यालय में सुलगने लगी आग

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सीहोर। कोठरी स्थित वीआईटी कॉलेज का विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि जिले का एक और प्रतिष्ठित संस्थान आरएके कृषि महाविद्यालय अशांति की चपेट में आ गया है। कृषि महाविद्यालय के छात्रों ने मोर्चा खोलते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों का सीधा आरोप है कि कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद कुमार शुक्ला द्वारा भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हुए नियमों के विरुद्ध अवैध मर्जर की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
कुलपति पर लगाए लाखों की वसूली के आरोप मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम डिप्टी कलेक्टर वंदना राजपूत को सौंपे गए ज्ञापन में छात्रों ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि कृषि विज्ञान केंद्रों में कार्यरत गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों से लाखों रुपये की कथित वसूली कर उन्हें सीधे सहायक प्राध्यापकए प्राध्यापक और वैज्ञानिक जैसे उच्च शैक्षणिक पदों पर मर्ज किया जा रहा है। छात्रों के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया अवैध है और इसमें करोड़ों रुपये के लेन-देन और बंदरबांट की आशंका है।
करियर पर मंडराया संकट
प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया कि कृषि विज्ञान केंद्रों का मूल उद्देश्य प्रसार गतिविधियां और किसान सेवाएं हैं। वहां का कैडर शैक्षणिक नहीं होता। छात्रों का कहना है हम बरसों की मेहनत के बाद पीएचडी और प्रतियोगी परीक्षाएं पास कर प्रोफेसर बनने का सपना देखते हैं। अगर बाहर से लोगों को सीधे इन पदों पर बैठा दिया जाएगा तो योग्य अभ्यर्थियों के लिए अवसर खत्म हो जाएंगे। कुलपति अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर योग्य युवाओं का भविष्य अंधकारमय बना रहे हैं।
कृषि मंत्री पर दबाव बनाने का दावा
ज्ञापन में छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कुलपति द्वारा कृषि मंत्री पर अनुचित दबाव डालकर इस गलत प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि विश्वविद्यालय के भीतर भी इस मुद्दे पर असंतोष है, लेकिन कुलपति के कथित भय के कारण कोई भी शिक्षक खुलकर सामने नहीं आ रहा है।
प्रदेशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी
छात्रों ने शासन को दोटूक चेतावनी दी है कि यदि इस अवैध मर्जर प्रक्रिया को तत्काल नहीं रोका गयाए तो यह आंदोलन केवल सीहोर तक सीमित नहीं रहेगा। प्रदेश के सभी 12 कृषि महाविद्यालयों के छात्र सडक़ों पर उतरेंगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा।