जब साहब कहेंगे तभी जलेंगे अलाव! कलेक्टर की सख्ती के बाद मिली राहत

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सीहोर। जिले में पिछले 20-25 दिनों से हाड़ कपाने वाली सर्दी पड़ रही है। लोग बस स्टैंडों पर बसों के इंतजार में ठिठुरते रहे, खुले आसमान के नीचे गरीब कांपते रहे, लेकिन जिले की नौ निकायों के अधिकारियों को जनता की पीड़ा दिखाई नहीं दी। आलम यह रहा कि मानो नगर पालिका और नगर परिषद के सीएमओ अपनी ‘समझ’ खो चुके थे और केवल कलेक्टर के आदेश का इंतजार कर रहे थे। सोमवार को जब कलेक्टर ने टीएल बैठक में ‘क्लास’ ली तब जाकर कहीं फाइलों से बाहर निकलकर सडक़ों पर लकडिय़ां पहुंचीं और अलाव जले।
बता दें सीहोर और आष्टा जैसी बड़ी नगर पालिकाओं सहित शाहगंज, रेहटी, बुदनी, भैरुंदा, कोठरी, इछावर और जावर जैसी नगर परिषदों के हाल बेहाल थे। सर्दी का सितम शुरू हुए हफ्तों बीत गए, लेकिन इन निकायों के किसी भी सीएमओ ने अपने स्तर पर अलाव जलाने की जहमत नहीं उठाई। यात्री बस स्टैंडों पर ठंड से कांपते नजर आते थे, लेकिन जिम्मेदारों ने आंखों पर पट्टी बांध रखी थी।
कलेक्टर के निर्देशों पर अमल
जिले के मुखिया कलेक्टर बालागुरू के. ने जब सोमवार को समय-सीमा (टीएल) बैठक में जिले की स्थिति का जायजा लिया, तो वे अधिकारियों की निष्क्रियता पर गंभीर हुए। उन्होंने दो टूक निर्देश दिए कि तत्काल बस स्टैंड, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाए जाएं और पर्याप्त ईंधन रखा जाए। निर्देश मिलते ही व्यवस्था ऐसी सुधरी कि रातों-रात अलाव दहकने लगे।
देर आए पर दुरुस्त आए, मिली राहत
कलेक्टर के सख्त तेवर का ही असर है कि अब जिले के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलने लगे हैं। इससे रात में काम करने वाले मजदूरों, निराश्रितों और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।