शहीदों के सम्मान में सीहोर के आसमान में उड़ेंगी पतंगें

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सीहोर। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर इस बार सीहोर का आसमान न केवल रंगों से सजेगा, बल्कि 1857 की क्रांति के अमर शहीदों की गौरव गाथा का भी साक्षी बनेगा। आगामी 14 जनवरी को सैकड़ाखेड़ी मार्ग स्थित शहीद समाधि स्थल पर सीहोर क्रांति पतंग महोत्स का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस अनूठे महोत्सव के माध्यम से युवा पीढ़ी को देश के बलिदानियों की स्मृति से जोडऩे का प्रयास किया जाएगा।
महोत्सव के संयोजक आशीष गुप्ता ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पतंगों के माध्यम से हमारे वीर शहीदों के नाम और उनके गौरव को आसमान की बुलंदियों तक पहुंचाना है। शहीद समाधि स्थल पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे से प्रारंभ होकर दोपहर 2 बजे तक चलेगा। आयोजन को लेकर शहर के युवाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
उज्जैन की पतंग और बरेली के मांझे का तडक़ा
सीहोर क्रांति पतंग महोत्सव में इस बार विशेष आकर्षण शामिल किए गए हैं। आयोजन में उज्जैन की मशहूर कलात्मक पतंगें आसमान में गोते लगाती नजर आएंगी, जिन्हें थामने के लिए बरेली के प्रसिद्ध मांझे का उपयोग किया जाएगा। पतंगबाजी के शौकीनों के लिए यह एक दुर्लभ और रोमांचक अनुभव होगा।
बच्चों को मुफ्त पतंग और आकर्षक पुरस्कार
प्रतियोगिता को समावेशी बनाने के लिए समिति द्वारा बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजन स्थल पर बच्चों को निशुल्क पतंगों का वितरण पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। साथ ही जो प्रतिभागी सबसे सुंदर और आकर्षक पतंग बनाकर लाएगा, उसे विशेष स्मृति चिह्न और प्रोत्साहन पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
पंजीयन अनिवार्य, हर प्रतिभागी का होगा सम्मान
आयोजन समिति ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक सभी प्रतिभागियों को अपना पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। खास बात यह है कि प्रतियोगिता में शामिल होने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को प्रोत्साहन पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। समिति ने सभी नागरिकों और युवाओं से अपील की है कि वे 14 जनवरी को सुबह 11 बजे शहीद समाधि स्थल पहुंचकर इस आयोजन का हिस्सा बनें।